“When government operates in secret, the ability of the public to hold the government accountable is imperiled.”
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May 09,जमशेदपुर। इंटरमीडिएट कला विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कैसे हो रहा है, इसका नमूना केएमपीएम इंटर कालेज व वीमेंस कालेज में चल रहे मूल्यांकन को देख समझा जा सकता है। कोई भी शिक्षक किसी भी विषय की कॉपियों की जांच कर रहा है। समाजशास्त्र विषय की कॉपियां मनोविज्ञान के शिक्षक जांच रहे हैं, तो मानवशास्त्र विषय के शिक्षक भी समाजशास्त्र विषय की कॉपियों पर हाथ आजमा रहे हैं। मूल्यांकन का मजाक उड़ाने में रही-सही कसर मूल्यांकन केंद्रों पर प्रतिदिन सिफारिश करने वालों की जुट रही भीड़ पूरी कर दे रही है। केएमपीएम इंटर कालेज केंद्र में कई साल तक एबीएम कालेज में मनोविज्ञान की शिक्षिका डा. पूनम सहाय को हेड इक्जामिनर बनाया जाता रहा है। उनकी शैक्षिक योग्यता व वरिष्ठता को दरकिनार कर इस साल यह जिम्मेदारी सरोज शर्मा को दे दी गयी है, जिनकी नौकरी ही अभी पक्की नहीं है। वे आदिवासी जनकल्याण महाविद्यालय में एडहॉक पर हैं। यहां टिनप्लेट महिला महाविद्यालय की ममता स्वेन को समाजशास्त्र के मूल्यांकन के लिए हेड इक्जामिनर बनाया गया है।
इनके अधीन रहते हुए समाजशास्त्र विषय की कॉपियों को मनोविज्ञान शिक्षक जांच रहे हैं। केंद्र की व्यवस्था का आलम यह है कि कोई भी, कभी भी मूल्यांकन केंद्र में आ-जा सकता है। न कोई अधिकार पत्र और न ही परिचय पत्र जरूरी है। इसके लिए पैरवीकारों की भीड़ जुट रही है। इंटरमीडिएट आर्ट्स विषय की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन वीमेंस कालेज में भी चल रहा है। गड़बड़ी यहां भी है। मो. इकबाल धतकीडीह स्थित अलकबीर मेमोरियल कालेज में मनोविज्ञान विषय के शिक्षक हैं। वे यहां समाजशास्त्र विषय के छात्रों की मेधा का आकलन कर रहे हैं। वहीं एबीएम कालेज में मानवशास्त्र विषय के शिक्षक डा. अरुण कुमार मिश्रा भी समाजशास्त्र विषयों की कॉपियां जांच रहे हैं। वहीं घाटशिला के एक कालेज में नियुक्त शिक्षिका पुष्कर बाला अपने विषय को छोड़कर समाजशास्त्र विषय की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रही हैं।
कौंसिल के निर्देशों का हो रहा पालन : एके मिश्रा
जमशेदपुर : केएमपीएम कालेज के प्राचार्य व मूल्यांकन केंद्र के निदेशक एके मिश्रा मूल्यांकन में किसी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि कॉपियों की जांच कार्य में लगाये जानेवाले शिक्षकों की सूची झारखंड एकेडमिक कौंसिल द्वारा तैयार कर भेजी जाती है। जितने शिक्षक इस कार्य के लिए तैनात किये गए थे वे सभी उपस्थित नहीं हुए। इसलिए नियमों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर से नियुक्ति की गयी। अपने विषय से हटकर किसी अन्य विषय की कॉपियों की जांच की बात से इनकार करते हुए उन्होंने बताया कि एक-दो शिक्षक इसके लिए अनुमति मांग रहे थे लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। मूल्यांकन का काम समाप्ति पर है और शनिवार को काम पूरा कर लिया जायेगा।
अंग्रेजी व समाजशास्त्र के शिक्षकों की संख्या काफी कम
जमशेदपुर : केएमपीएम इंटर कालेज में मूल्यांकन में वैसे तो कई विषयों में शिक्षकों की कमी की समस्या रही लेकिन सबसे अधिक समस्या अंग्रेजी व समाजशास्त्र विषयों को लेकर रही। इसका कारण उत्तरपुस्तिकाओं के हिसाब से शिक्षकों की संख्या काफी कम होना रहा।
प्राचार्या भी बनी हेड एक्जामिनर
जमशेदपुर : झारखंड एकेडमिक कौंसिल के काम भी अजीबोगरीब होते हैं। ग्रेजुएट कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या डा. स्नेहलता सिन्हा को भी हेड एक्जामिनर बना दिया गया है। यानी प्राचार्या को भी मूल्यांकन केंद्र पर जाकर कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में योगदान देना होगा।